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वीरांगना महारानी दुर्गावती के जीवन पर आधारितं- प्रेरणा उत्सव का हुआ आयोजन-कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिक

वीरांगना महारानी दुर्गावती के जीवन पर आधारितं- प्रेरणा उत्सव का हुआ आयोजन-

कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिक
चिचोली:-मध्यप्रदेश शासन के सास्कृतिक विभाग द्वारा देश के स्वाधीनता संग्राम की एक अप्रतिम गोंड नायिका, वीरांगना रानी दुर्गावती के इस जन्म जयंती वर्ष को इस वर्ष प्रेरणा उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। बता दें कि, इस वर्ष उनका 500वां जन्मवर्ष है। जिसके उपलक्ष्य में किये जा रहे आयोजनों की कड़ी में सोमवार को नगरीय क्षेत्र के श्रीतपश्री स्टेडियम मे जनप्रतिनिधीयो की मौजुदगी मे शाम 6 बजे से प्रेरणा उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कलाकारो ने दी शानदार प्रस्तुति-
प्रेरणा उत्सव कार्यक्रम के दौरान, वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन और अवदान पर केन्द्रित, नृत्य नाटिका का भी आयोजन किया गया। इस नृत्य नाटिका प्रस्तुति मे  मंच पर उपस्थित कलाकारों के द्वारा नाट्य के माध्यम से वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही उनके साहसी योगदान से आमजन को अवगत कराया गया। इस दौरान मंचीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनमोह लिया।
नप अध्यक्ष, ने मंच पर दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारम्भ-

चिचोली नगरीय क्षेत्र के श्री तपश्री स्टेडियम में शाम 6:00 बजे से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती वर्षा रितेश मालवीय, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह कुशवाहा, नगर परिषद उपाध्यक्ष, श्रीमती वर्षा संजय आंवलेकर, वार्ड पार्षद श्रीमती ज्योति पानकर,श्रीमति मोहनी जैन, पार्षद उमेश पेठे , रोहित आर्य, भाजपा नेता, रितेश मालवीय ,संजय आंवलेकर, डॉक्टर धर्मेंद्र पटेल एवं सीएमओ सैयद आरिफ हुसैन ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया!
इस दौरान नगर परिषद श्रीमति वर्षा रितेश मालवीय वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिह कुशवाह ने वीरागंना महारानी दुर्गावति के साहसिक जीवन पर अपने विचार रखे ।
बता दें कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपने पति दलपत शाह की मृत्यु के बाद अपने राज्य की रक्षा के लिए गोंडवाना साम्राज्य की बागडोर संभाली थी। इनके राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी थी कि करों का भुगतान सोने के सिक्के और हाथी देकर किया जाता था। उन्होंने शिक्षा और पारम्परिक ज्ञान को प्रोत्साहित किया था और कई मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण भी करवाया।
कार्यक्रम को देखने के लिए नगरी क्षेत्र के 15 वार्डो से बड़ी संख्या में नगरीक भी पहुंचे थे!

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