Subscribe Us

header ads

10 महाविद्याओं की साधना का पर्व - गुप्त नवरात्र-मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की आराधना से मिलता है अमोघ फल-

10 महाविद्याओं की साधना का पर्व - गुप्त नवरात्र-

मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की आराधना से मिलता है अमोघ फल- 
धर्म डेस्क:- सनातन धर्म में नवरात्रि को सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है, जो आध्य शक्ति भगवति दुर्गा को समर्पित होते हैं। नवरात्रि साल में चार बार आती है, जिसमें से दो गुप्त और दो और प्रत्यक्ष नवरात्रि होती है। प्रत्यक्ष नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु ये नवरात्र बहुत खास माने जाते हैं। 

माघ गुप्त नवरात्रि 2025 तिथि 
माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस बार इसका आरंभ 30 जनवरी 2025, गुरुवार  से आरम्भ हो चुका है और इसका समापन 7 फरवरी 2025, शुक्रवार को होगा। इस दौरान जिन 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है वह कुछ इस प्रकार हैं- मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी।

गुप्त नवरात्रि में विशेष रूप से मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, धूमावती, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। इनकी साधना से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है!

गुप्त नवरात्रि में साधना का महत्व:-

गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की साधना गुप्त रूप से की जाती है, जिससे शक्ति और तंत्र विद्या की सिद्धि होती है। मान्यता है कि इन नवरात्रियों में की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में गई साधना जन्मकुंडली के समस्त दोषों को दूर करने वाली और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष देने वाली होती। इन पवित्र नवरात्रों में जो साधक देवी शक्ति की उपासना किसी विशेष मनोरथ सिद्धि हेतु पवित्रता व श्रद्धा भाव से करते हैं तो उनके मनोरथ सिद्ध होते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ