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कोई चलता पद चिन्हों पर, कोई पद चिन्ह बनाता है।बस वही सूरमा वीर पुरुष, दुनिया में पूजा जाता है।जो धर्म समर्पित कर्म करे, वह खुद को दिव्य बनाता है, बस वही सूरमा वीर पुरुष, दुनिया में पूजा जाता है। चिचोली मे 3 जनवरी को लगेगा - संघ का शीतकालीन शिविर-

कोई चलता पद चिन्हों पर, कोई पद चिन्ह बनाता है।

बस वही सूरमा वीर पुरुष, दुनिया में पूजा जाता है।
जो धर्म समर्पित कर्म करे, वह खुद को दिव्य बनाता है, बस वही सूरमा वीर पुरुष, दुनिया में पूजा जाता है। 

चिचोली मे 3 जनवरी को लगेगा - संघ का शीतकालीन शिविर-
चिचोली मीडिया :-( आनंद रामदास राठौर) - अगामी 3 जनवरी को तहसील मुख्यालय के हरदा मार्ग पर संचालित महर्षि दंयानंद सरस्वति स्कूल ( MDS SCHOOL CHICHOLI) मे राष्ट्रीय स्वयं सेवक सघ खण्ड चिचोली का शीतकालीन शिविर आयोजित होगा!
प्रतिवर्ष सघ इन शिविरो का सचालन करता है! जिससे सहज ही समाज के लोगो के मन मे इन शिविरो लेकर-एवं संघ से जुड़ाव को लेकर एक जिज्ञासा बनी रहती है । कि वास्तव मे राष्द्रीय स्वयं सेवक सघ है!क्या- और वे कौन है! संघ का उद्देश्य क्या है! खबर के माध्यम से संघ के बारे मे कुछ हद तक आप सभी को जानकारी देने का प्रयास है।
चिचोली मे आयोजित होगा शीतकालीन शिविर 

तीन दिवसीय शीतकालीन शिविर मे भाग लेने वाले स्वयं सेवको का- आगमन -
शुकवार, 03 जनवरी 2025 सायं 4 बजे तक निधारित किया गया है!एवं शिविर के समापन के उपरांत स्वयं सेवक -रविवार, 05 जनवरी 2025 सायं 4 बजे प्रस्थान करेगे !
शिविर मे प्रवेश लेने के लिए स्वयं सेवको को 100 रुपये का शुल्क देना होगा !
इसके अलावा स्वयं सेवको को 
अपेक्षित वेश-
संघ की फुलपेंट, सफेद शर्ट फुल बाह वाली -काली टोपी, दण्ड (लाठी) अनिवार्य एवं नित्य उपयोगी सामग्री-तेल, साबुन, काँच, कंघा, मंजन, थाली
कटोरी-2, एक गिलास, ओढने बिछाने एवं गर्म वस्त्र लाना होगा!
शिविर मे 18 वर्ष से अधिक आयु के स्वयं सेवक ही अपेक्षित है!
गौरतलब है! कि,भारत को परम वैभवशाली बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं संघ 99 वर्षों से साधना कर रहा है। समाज मे आकर्षण का केन्द्र संघ की शाखा रही है, जिससे प्रभावित होकर कई समाजिक बंधुओ का जुड़ाव होता है उसी जुड़ाव में वृद्धि करने हेतु स्वंयसेवकों की योग्यता बढ़ाने हेतु संघ द्वारा शीत शिविर आयोजित कियेजाते है ! 
संघ के शीत कालीन शिविर मे शामिल स्वयं सेवको को-शारीरिक प्रकट कार्यक्रम के
1. ताड़ासन आसन
2. अर्धकटी चक्रासन
3. वीरभद्रासन प्रकार
4. उत्कटासन- एवं व्यायाम योग के अन्तर्गत
1- प्रणाम योग
2- संतुलन योग
3-वामकरतल योग
के अलावा
1-स्कंद प्रणाम योग
2-बंदूक योग
3-वंशी योग 
नियुध्द के तहत 1- स्थिर मुष्टि प्रहार प्रकार- 
2- स्थिर मुष्टि प्रहार प्रकार- 2
3- स्थिर क्षेप प्रकार - 1
4 - स्थिर क्षेप प्रकार - 2
5 - मुष्टि प्रहार प्रक्रम
6 - क्षेप अपक्रम
7 - भूमिबंधन
दण्ड संचालन
प्रयोग क्र.-
1 - प्रहार प्रक्रम
2- प्रहार अपक्रम
3 - प्रहार मार प्रयोग- 1
4 - सिरमार क्रमिका-1
प्रयोग क्र.-
1- प्रसर
2 - प्रतिसर
3 - सम्मुख
4 - विमुख
5 - तूर्यव्रत
मे प्रशिक्षित एवं दक्ष किया जाता है!
संघ के शिविर लगाने का उद्देश्य -
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना काल से शाखा, शिविर, वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ता स्वयंसेवकों का गुण संवर्द्धन कर नेतृत्व क्षमता विकसित करता आ रहा है। महाकवि रवींद्रनाथ ठाकुर का मानना था कि भारत के भाग्योदय के लिए एक नायक की आवश्यकता होगी जो पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य करेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऐसे ही नायकों को गढ़ने का काम करता है। महाकवि ने सिर्फ एक नायक की बात कही थी, लेकिन संघ अपने प्रशिक्षण के माध्यम से सामान्य जनमानस में ऐसे भाव भरता है कि वह राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत होकर अपना जीवन देशहित में समर्पित कर देता है।

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